संसद सुरक्षा सेंध केस, 5 आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा: नीलम आजाद ने इनकार किया; दो आरोपी नार्को एनालिसिस और ब्रेन मैपिंग के लिए भी सहमत

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13 मिनट पहले

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संसद की सुरक्षा सेंध मामले के 6 आरोपियों में से 5 का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। 2 आरोपियों मनोरंजन और सागर ने नार्को एनालिसिस और ब्रेन मैपिंग टेस्ट के लिए कोर्ट में अपनी सहमती दी है। वहीं, संसद के बाहर नारे लगाने वाली नीलम आजाद ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से मना कर दिया है।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार (5 दिसंबर) को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान एडिशनल जज हरदीप कौर ने दिल्ली पुलिस की मांग पर आरोपियों की पुलिस कस्टडी को 13 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया। साथ ही आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए मंजूरी दी। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से सभी आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी।

कोर्ट में आज क्या हुआ…

आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। डिफेंस के वकील अमित शुक्ला ने दिल्ली पुलिस के आवेदन पर कोर्ट से 15 मिनट का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी। इसके बाद आरोपी अमोल शिंदे, ललित झा, मनोरंजन डी, सागर शर्मा और महेश कुमावत पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए तैयार हो गए।

वकील अमित शुक्ला ने दिल्ली पुलिस से मनोरंजन और सागर के नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने का कारण पूछा। स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर (SPP) अखंड प्रताप ने बताया कि इसकी सलाह एक एक्सपर्ट ने दी है और वह इससे बंधे हैं।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मोबाइल डेटा रिकवर करने और जांच के लिए कोर्ट से पुलिस कस्टडी आठ दिनों तक बढ़ाने की मांग की। वकील अमित शुक्ला ने पुलिस कस्टडी का विरोध किया और कहा कि ज्यूडीसियल कस्टडी के दौरान डेटा से रिलेटेड पूछताछ की जा सकती है यहां तक कि न्यायिक हिरासत के दौरान पॉलीग्राफ परीक्षण भी किया जा सकता है।

इस पर SPP ने कहा कि UAPA, एजेंसी को 30 दिनों तक पुलिस हिरासत बनाए रखने का अधिकार देता है। SPP ने कोर्ट को बताया कि उन्हें फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) से सोमवार तक मोबाइल फोन डेटा भी मिल जाएगा।