क्या गर्भगृह में स्थापित होगी भगवान राम की यह प्रतिमा: मूर्तिकार योगीराज अरुण की बनाई जिस मूर्ति को लेकर किया जा रहा दावा, जानिए उसका सच

6 घंटे पहले

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अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस बीच सोशल मीडिया पर भगवान राम की मूर्ति की एक तस्वीर वायरल हो रही है।

  • दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में दिख रही राम लला की इसी मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला।
  • भगवान राम की इस मूर्ति को शिल्पकार अरुण योगीराज ने बनाया है और वायरल होती तस्वीर में उन्हें मूर्ति के पास बैठे देखा जा सकता है।

वेरिफाइड एक्स यूजर निर्मल झा ने ट्वीट किया- भगवान प्रभु श्री राम जी की मूर्ति का चयन हो गया है जो गर्भगृह में स्थापित होगी। जय श्री राम (अर्काइव ट्वीट)

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  • निर्मल झा को एक्स पर 33 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। झा की एक्स बायो के अनुसार वे समता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सह महाराष्ट्र प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं।

वायरल तस्वीर से जुड़ा एक ट्वीट हमें वेरिफाइड एक्स यूजर कुंवर अजय प्रताप सिंह के एक्स अकाउंट पर भी देखने को मिला। कुंवर अजय प्रताप को एक्स पर 79 हजार से अधिक लोग फॉलो करके हैं।

अजय लिखते हैं- प्रोपेगेंडा फैलाने वालों को बता दो देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज अरुण द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी। राजा रामचंद्र की जय। (अर्काइव ट्वीट)

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भगवान राम की मूर्ति से जुड़ा ऐसा ही दावा हमें एक्स पर मौजूद पीएम मोदी के एक फैन पेज पर देखने को मिला। नरेंद्र मोदी फैन नाम के इस वेरिफाइड पेज को 4.20 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

ट्वीट में लिखा था- भगवान रामलला की मूर्ति हुई फाइनल, मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति फाइनल, इसी मूर्ति की गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा होगी, जय श्री राम (अर्काइव ट्वीट)

देखें ट्वीट:

पड़ताल के दौरान हमें समाचार एजेंसी ANI का एक ट्वीट मिला, 2 जनवरी को किए गए इस ट्वीट में ANI ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के एक ट्वीट के हवाले से लिखा था- अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति के चयन को अंतिम रूप दे दिया गया है। हमारे देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज अरुण की बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी। (अर्काइव ट्वीट)

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मूर्तिकार योगीराज अरुण द्वारा निर्मित भगवान राम की मूर्ति की वायरल होती तस्वीर को देख लोगों के बीच भ्रम की स्थिति निर्मित हुई। लोगों को लगा कि यही वह मूर्ति है जिसे अयोध्या में गर्भ गृह में स्थापित किया जाएगा।

जांच के दौरान हमें पहला हिंट वेरिफाइड एक्स यूजर शुभम शुक्ला के ट्वीट से मिला। शुभम ने ट्वीट किया था- अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की मूर्ति राम जन्म भूमि ट्रस्ट ने फाइनल कर दी है। भगवान श्री राम की प्रतिमा अरुण योगीराज ने बनाई है। जय श्री राम🙏 (अर्काइव ट्वीट)

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इस ट्वीट के नीचे कमेंट करते हुए खुद शुभम ने लिखा- यह मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए नहीं जाएगी। लेकिन मूर्तिकार अरुण योगी जी ही हैं। यह पुरानी मूर्ति के साथ इनकी तस्वीर है। (अर्काइव ट्वीट)

देखें ट्वीट…

इस हिंट के बेसिस पर जब हमने वायरल होती तस्वीर को गूगल इमेज पर रिवर्स सर्च किया तो यह हमें डेक्कन हेराल्ड में 2019 में प्रकाशित एक आर्टिकल में मिला। आर्टिकल के कैप्शन में मूर्तिकार अरुण योगीराज का नाम लिखा हुआ था।

डेक्कन हेराल्ड में प्रकाशित आर्टिकल का स्क्रीनशॉट।

डेक्कन हेराल्ड में प्रकाशित आर्टिकल का स्क्रीनशॉट।

जांच के दौरान हमें यह तस्वीर अरुण योगीराज के एक्स अकाउंट पर भी मिली। 20 नवंबर 2021 को किए गए ट्वीट में अरुण ने लिखा था- राम, लक्ष्मण, सीता माता की मैसूर स्टाइल में निर्मित पत्थर की मूर्ति। (अर्काइव ट्वीट)

देखें ट्वीट :

वहीं, जांच के दौरान हमें लाइव हिंदुस्तान का एक आर्टिकल भी मिला जिसमें लिखा था, ‘चुनी गई मूर्ति 17 जनवरी को नगर यात्रा के दौरान जनता के सामने प्रकट की जाएगी। तब तक मूर्ति की कोई फोटो और वीडियो जारी नहीं किया जाएगा।’ (अर्काइव लिंक)

देखें स्क्रीनशॉट …

वहीं, दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि- मंदिर ट्रस्ट की हाल ही में हुई बैठक में गर्भगृह की मूर्ति पर एक राय नहीं बन सकी थी। ऐसे में अब मंदिर के ट्रस्टी का कहना है कि मूर्तिकारों के बीच किसी भी तरह का कॉम्पिटिशन ना करवाकर तीनों ही मूर्तियों को भव्य राम मंदिर में लगाया जाएगा। हालांकि गर्भगृह में कौन-सी मूर्ति लगेगी, इसका अंतिम निर्णय काशी के आचार्य गणेश्वर शास्त्री लेंगे।

दो मूर्तियां काले पत्थर की, एक संगमरमर की
मंदिर में मूर्ति स्थापना को लेकर राम मंदिर के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने दैनिक भास्कर से फोन पर बात की थी। कामेश्वर ने बताया, ‘तीन मूर्तिकारों में से दो दक्षिण (गणेश बट्ट, अरुण योगीराज) से हैं और एक मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय राजस्थान के हैं। दक्षिण की मूर्तियां काले पत्थर की हैं। वहीं राजस्थान के मूर्तिकार की ओर से बनाई जा रही प्रतिमा संगमरमर की है। ऐसे में किस वर्ण की प्रतिमा 22 तारीख को गर्भगृह में लगेगी इसका फैसला आचार्य गणेश्वर शास्त्री ही लेंगे।’

देखें स्क्रीन शॉट…

साफ है कि गर्भगृह में राम लला की कौन सी मूर्ति विराजमान होगी यह फिलहाल तय नहीं है। वहीं, जिस तस्वीर को अभी का बताकर वायरल किया जा रहा है वह भी अभी की नहीं बल्कि 2019 की है। ऐसे में भगवान राम की मूर्ति को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से भ्रामक है।

कौन हैं मूर्तिकार अरुण योगीराज
रामलला की प्रतिमा तैयार करने वाले 37 साल के अरुण योगीराज मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं। उन्होंने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से MBA किया। फिर एक निजी कंपनी के लिए काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया। उन्हें बचपन से प्रतिमाएं बनाने का शौक था।

अरुण योगीराज ने ही जगदगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया था, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। इंडिया गेट पर 2022 में स्‍थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी अरुण ने ही बनाई है। PM मोदी भी उनके काम की तारीफ कर चुके हैं।

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