असम में मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट खत्म: सरकार बोली- UCC की दिशा में एक बड़ा कदम, इससे बाल विवाह रूकेंगे

  • Hindi News
  • National
  • Assam Repeals Muslim Marriage Act: ‘Key Step In Journey Towards UCC’

गुवाहाटी4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
उत्तराखंड के बाद अब असम सरकार भी UCC को लेकर कानून लाने की तैयारी कर रही है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

उत्तराखंड के बाद अब असम सरकार भी UCC को लेकर कानून लाने की तैयारी कर रही है। (फाइल फोटो)

असम सरकार ने राज्य में मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट 1935 को खत्म कर दिया। यह निर्णय शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। अब राज्य में सभी शादियां स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की जाएंगी।

राज्य मंत्री जयंत मल्लबारुआ ने इसे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की दिशा में एक बड़ा स्टेप बताया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में हो रहे बाल विवाह भी रूकेंगे।

सरकार के दो बड़े बयान

  1. राज्यमंत्री मल्लाबरुआ ने कहा की मुख्यमंत्री ने हम समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ रहे हैं। इसी को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। अब असम में कोई भी मुस्लिम विवाह या तलाक रजिस्टर नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास एक स्पेशल मैरिज एक्ट है, इसलिए हम चाहते हैं कि सभी मामले उस एक्ट के माध्यम से सुलझाएं जाएं।
  2. अब मुस्लिम विवाह और तलाक का रजिस्ट्रेशन डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार द्वारा किया जाएगा। जो इस डिवोर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत काम कर रहे थे, उन्हें हटा दिया जाएगा और इसके बदले उन सभी को एकमुश्त दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार की देर रात 12:11 बजे मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट 1935 को खत्म करने की जानकारी दी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार की देर रात 12:11 बजे मुस्लिम मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट 1935 को खत्म करने की जानकारी दी।

AIUDF नेता ने जताई थी आपत्ति
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के चीफ मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बहुविवाह केवल मुसलमानों में नहीं है, बल्कि अन्य समुदाय में भी है। केवल मुसलमानों को टारगेट करना उचित नहीं है।

2026 तक बाल विवाह पर नया कानून लाने पर विचार
फरवरी 2023 में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा था कि हमारा रुख स्पष्ट है, असम में बाल विवाह को रुकना चाहिए। बाल विवाह के खिलाफ हम नया कानून लाने के बारे में चर्चा कर रहे हैं। 2026 तक हम बाल विवाह के खिलाफ नए कानून लाने पर विचार कर रहे हैं, जहां जेल की सजा दो साल से बढ़ाकर 10 साल की जाएगी।

UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC बिल ध्वनि मत से पास हो गया। इसी के साथ UCC बिल पास करने वाला उत्तराखंड आजाद भारत का पहला राज्य बन गया है। सीएम पुष्कर धामी ने 6 फरवरी को विधानसभा में यह बिल पेश किया था। बिल पास होने के बाद अब इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मुहर लगते ही यह बिल कानून बन जाएगा और सभी को समान अधिकार मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

यह खबर भी पढ़ें…

उत्तराखंड के बाद असम में UCC की तैयारी: CM हिमंत बोले- बहुविवाह को क्रिमिनल ऑफेंस में लाएंगे; आदिवासियों को इससे बाहर रखेंगे

उत्तराखंड के बाद अब असम सरकार भी UCC को लेकर कानून लाने की तैयारी कर रही है। असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार (12 फरवरी) को गुवाहाटी में कहा राज्य सरकार बहुविवाह को बैन करने वाले कानून लाने वाली थी, लेकिन उत्तराखंड में UCC का बिल पास होने के बाद हम इसे UCC से जोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए हमने प्लान भी बनाया है। पूरी खबर पढ़ें …

खबरें और भी हैं…